Add To collaction

लेखनी कहानी -12-Jan-2026

मेरी वफ़ा के बदले मेरी जान तुम वफ़ा दो। मैं जब भी तुमको देखूं,मेरी जान मुस्कुरा दो।

हर वक्त याद रहती सीने में है तुम्हारी। यह दिल की आरज़ू है बन जाओ तुम हमारी। है दिल की मेरे ख़्वाहिश चिलमन ज़रा उठा दो। मैं जब भी तुमको देखूं मेरी जान मुस्कुरा दो।।

मेरे बदन में खुश्बू तेरे प्यार की बसी है। बेकार है वो महफ़िल जिसमें भी तू नहीं है। मेरी सुकूं के खा़तिर जु़ल्फ़ों से तुम हवा दो। मैं जब भी तुमको देखूं मेरी जान मुस्कुरा दो।

तेरी हुस्न और अदाएं दिलकश ये बांकपन है। गुलशन की तू कली है, फूलों सी गुलबदन है। मेरी हो सिर्फ मेरी,दुनिया को ये बता दो। मैं जब भी तुमको देखूं मेरी जान मुस्कुरा दो।

चेहरा ही सिर्फ़ तेरा,आंखों में आजकल है। तू गीत है हमारी तू ही मेरी ग़ज़ल है। मेरी मोहब्बतों का मेरी जान अब सिला दो। मैं जब भी तुमको देखूं मेरी जान मुस्कुरा दो।

तेरे बिना है मुश्किल मेरी जान जिंदगानी। तुझ से शुरू हुई है मेरे इश्क़ की कहानी। वोह है "सगी़र" मेरा, जाकर उसे बता दो। मैं जब भी तुमको देखूं मेरी जान मुस्कुरा दो।

   1
1 Comments

Pranav kayande

17-Jan-2026 01:25 PM

Awesome

Reply